
मुंबई के मुलुंड में मेट्रो निर्माण के दौरान एक पिलर ऑटो-रिक्शा पर गिर पड़ा, जिसमें चार लोग घायल हो गए। इनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस भयानक हादसे के बाद एमएमआरडीए ने ठेकेदार राजवी मिलन इंफ्रा पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना ठोक दिया है, जबकि कंसल्टेंट फर्म पर 1 करोड़ का दंड लगाया गया।
घटना की सूचना मिलते ही प्रोजेक्ट टीम मौके पर पहुंची। इलाके को सील कर दिया गया और बीएमसी, पुलिस, फायर ब्रिगेड व आपदा प्रबंधन की मदद से सुरक्षा जांच शुरू हो गई। एमएमआरडीए के अतिरिक्त आयुक्त अश्विन मुड़गल ने खुद साइट का जायजा लिया और सख्त सुरक्षा निर्देश जारी किए।
मुड़गल ने घायलों से अस्पताल में मुलाकात की, चिकित्सकों से बात कर बेहतर उपचार की पुष्टि की। फोर्टिस अस्पताल की टीम ने स्वतंत्र जांच की। उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी गई है, जिसके प्रमुख डायरेक्टर बासवराज एम. भद्रगोंड हैं। यह पिलर ढहने का कारण खोजेगी।
सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित क्षेत्र में काम अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। जांच पूरी होने पर ब्लैकलिस्टिंग जैसी सख्त कार्रवाई होगी। एमएमआरडीए ने कहा, ‘जनता की सुरक्षा सबसे ऊपर है। जांच के आधार पर कड़ी जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे और दोबारा हादसे रोकने के उपाय अपनाएंगे।’
यह घटना मुंबई के विशालकाय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़ी करती है। मेट्रो विस्तार से लाखों लोगों को लाभ होगा, लेकिन बिना सुरक्षा के यह जोखिम भरा साबित हो सकता है। जांच के नतीजे भविष्य की दिशा तय करेंगे।