
मुंबई। मालेगांव नगर निगम के डिप्टी मेयर के कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने से राजनीतिक विवाद भड़क गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रवक्ता आनंद परांजपे ने इसे सरकारी गरिमा के साथ खिलवाड़ करार देते हुए कड़ा विरोध जताया है।
आईएएनएस से विशेष बातचीत में परांजपे ने कहा, ‘सरकारी दफ्तरों में केवल राष्ट्र निर्माण करने वाले नेताओं की तस्वीरें होनी चाहिए। टीपू सुल्तान का इतिहास विवादित है और यह कदम संस्थागत पवित्रता पर सीधा प्रहार है।’ महाराष्ट्र में भाजपा समेत अन्य दल इसे ऐतिहासिक तथ्यों की तोड़-मरोड़ बताते हुए हमलावर हैं।
विवाद ने स्थानीय स्तर पर आंदोलन की शक्ल ले ली है, जहां लोग तस्वीर हटाने की मांग कर रहे हैं।
भारत-अमेरिका रक्षा समझौते पर विपक्ष की आलोचना को परांजपे ने खारिज किया। उन्होंने कहा, ‘यह सौदा हमारी सुरक्षा को मजबूत करेगा, लेकिन विपक्ष तथ्यों को विकृत कर देशभक्ति का ढोंग कर रहा है।’
प्रधानमंत्री कार्यालय के नए कॉम्प्लेक्स ‘सेवा तीर्थ’ के उद्घाटन का स्वागत करते हुए परांजपे ने कहा, ‘मोदी जी के नेतृत्व में प्रशासनिक क्रांति हुई है। यह पर्यावरण अनुकूल और डिजिटल केंद्र कुशल शासन का प्रतीक है।’
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे के बयान पर सफाई देते हुए उन्होंने अजीत पवार को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों को गलत ठहराया। ‘आंतरिक चर्चाओं को तोड़-मरोड़कर फूट डालने की साजिश है। हम एकजुट हैं।’
ये बयान महाराष्ट्र की सियासत में इतिहास, सुरक्षा और एकता के मुद्दों को उजागर करते हैं।