
चेन्नई। तमिलनाडु भाजपा के प्रवक्ता एएनएस प्रसाद ने अभिनेता विजय की नई पार्टी तमिलगा वेत्त्री कझगम (टीवीके) पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक चालें सत्ताधारी डीएमके को अप्रत्यक्ष रूप से मजबूत कर रही हैं। विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही एंटी-डीएमके वोटों को बांटने की साजिश रची जा रही है, उनका दावा है।
सलेम में हुई पार्टी बैठक में प्रसाद ने विजय के हालिया बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने पूछा था कि क्या आज के समय में कोई एमजीआर या अन्नादुराई जैसी पार्टी स्वतंत्र रूप से खड़ी कर सकता है। इन्हें राजनीतिक अपरिपक्वता का परिचायक बताते हुए प्रसाद ने आलोचना की।
प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन की सलाह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विजय को सिनेमा शैली की बयानबाजी छोड़कर जन मुद्दों पर सक्रिय होना चाहिए। यह सद्भावपूर्ण सुझाव था, लेकिन डीएमके समर्थकों और कुछ मीडिया ने इसे तोड़-मरोड़ कर पेश किया।
प्रसाद ने विजय के 41 समर्थकों की मौत वाले पुराने हादसे को भी याद दिलाया। उन्होंने सवाल किया कि इस पर लगातार आंदोलन क्यों नहीं हुआ? विजय ने शुरुआत में डीएमके सरकार और सीएम स्टालिन को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन बाद में चुप्पी साध ली।
डीएमके के खिलाफ बढ़ते असंतोष के बीच टीवीके का उदय विपक्षी एकता को तोड़ने का प्रयास है, जो अंततः सत्तारूढ़ दल को फायदा पहुंचाएगा। एमजीआर व जयललिता जैसे नेताओं ने जनसेवा से शिखर छुआ, जबकि विजय का रास्ता भटकावपूर्ण लगता है।
प्रसाद ने भरोसा जताया कि तमिलनाडु की जनता सभी दलों की मंशा परखेगी। चुनावी बयानबाजी से सियासी जंग तेज हो गई है।