
पांच साल बाद भी पुलवामा हमले की यादें ताजा हैं। 14 फरवरी को पूर्वोत्तर के असम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने 40 सीआरपीएफ शहीदों को सलाम किया। उनके संदेशों में बलिदान की अमर गाथा और राष्ट्रभक्ति का जज्बा झलक रहा था।
असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर लिखा, ‘पुलवामा के वीर जवानों का बलिदान कभी न भुलाया जाएगा। इन वीर सपूतों को श्रद्धांजलि। भारत उनके शौर्य को हमेशा याद रखेगा।’
मणिपुर के सीएम एन. बिरेन सिंह ने कहा, ‘पुलवामा शहीदों को नमन। उनका साहस और देशभक्ति अविस्मरणीय है। यह बलिदान हमें समर्पित सेवा की प्रेरणा देता है।’ उन्होंने पीएम मोदी का पोस्ट शेयर किया।
अरुणाचल के पेमा खांडू ने भावुक होकर लिखा, ‘प्रेम दिवस पर जब दुनिया प्यार मना रही, हम 2019 पुलवामा लेथपोरा के 40 सीआरपीएफ नायकों के राष्ट्रप्रेम को याद कर रहे। देश हमेशा इनका ऋणी।’ शहीदों की तस्वीरें साझा कीं।
पूर्व मणिपुर सीएम एन. बिरेन सिंह बोले, ‘कर्तव्य को जीवन से ऊपर रखने वाले वीरों को प्रणाम। उनका बलिदान राष्ट्र की आत्मा को मजबूत करता।’
14 फरवरी 2019 को जेकेई लेथपोरा में जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमले ने सीआरपीएफ काफिले को निशाना बनाया। 40 जवान शहीद।
भारत ने जवाब में बालाकोट पर एयरस्ट्राइक की, आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया। यह कड़ा संदेश था।
हर साल यह दिन शहादत दिवस बन जाता। पूरे देश में स्मृति सभाएं, दीप जलाते, कसमें। पूर्वोत्तर में स्थानीय परंपराओं से श्रद्धा।
शहीदों का योगदान आतंकवाद के खिलाफ जंग को मजबूत कर रहा। इन नेताओं के श्रद्धासुमन से संकल्प और पक्का। भारत सुरक्षित रहे, यही उनकी सच्ची श्रद्धांजलि।