
म्यूनिख। जर्मनी के म्यूनिख में चल रही 62वीं म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने यूरोप को सख्त रक्षा क्षमता विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज के दौर में हार्ड पावर ही असली मुद्रा है। बायरिशर हॉफ होटल में आयोजित इस तीन दिवसीय समागम में 60 से अधिक देशों के नेता, 50 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख और 115 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
स्टार्मर ने अपने संबोधन में कहा, ‘हम किसी चौराहे पर नहीं खड़े हैं। रास्ता साफ है। हमें अपनी हार्ड पावर मजबूत करनी होगी।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि यूरोप को हमलों को विफल करने की क्षमता रखनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर लड़ने को तैयार रहना चाहिए। अपने नागरिकों, मूल्यों और जीवनशैली की रक्षा के लिए हर कदम उठाना होगा।
ब्रेक्जिट के छह साल बाद स्टार्मर ने यूरोपीय संघ के सिंगल मार्केट से करीबी संबंधों की वकालत की। रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक सहयोग को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि आर्थिक एकीकरण सभी के हित में है, इसलिए अन्य क्षेत्रों में भी निकटता बढ़ाई जानी चाहिए जहां दोनों पक्ष लाभान्वित हों।
यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और लोकतंत्र की रक्षा में यूरोप व ब्रिटेन को और करीब आना चाहिए। ब्रेक्जिट के 10 वर्ष बाद भी हमारा भविष्य जुड़ा हुआ है।
यह संदेश वैश्विक तनाव के दौर में यूरोप के लिए नया दिशा निर्देश देता है। हार्ड पावर और आर्थिक साझेदारी से महाद्वीप मजबूत बनेगा।