
ढाका में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान यूरोपीय संघ के चुनाव पर्यवेक्षण मिशन (ईयू ईओएम) ने बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनावों को विश्वसनीय और सुव्यवस्थित करार दिया। मिशन प्रमुख और यूरोपीय संसद सदस्य इवार्स इजाब्स ने इसे लोकतांत्रिक शासन और कानून के शासन को पुनर्स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
एमईपी टॉमस जेडचोव्स्की के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने परिणामों का समर्थन किया। इजाब्स ने कहा कि यह चुनाव प्रतिस्पर्धी था, जिसमें मौलिक स्वतंत्रताओं का अच्छी तरह पालन हुआ। चुनावी ढांचा वैश्विक मानकों पर खरा उतरा, जबकि निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्रता व पारदर्शिता बरती।
उन्होंने नागरिक पर्यवेक्षकों, तथ्य-जांचकर्ताओं, युवा एवं महिला कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना की, जिन्होंने पारदर्शिता बढ़ाई और मतदाताओं को जागरूक बनाया।
हालांकि, कमियां भी रहीं—दिव्यांगों की सीमित भागीदारी, महिलाओं के लिए कम अवसर, स्थानीय हिंसा, गलत सूचनाओं से उत्पन्न भीड़ हमलों का भय। आदिवासी व अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व अपर्याप्त है।
इजाब्स ने पुरानी प्रथाओं से मुक्ति और स्वतंत्र संस्थाओं, मानवाधिकारों को मजबूत करने का आह्वान किया। जेडचोव्स्की ने नई संसद व सरकार से सुधार लागू करने की अपील की।
2025 के अंत से बांग्लादेश में मौजूद ईयू ईओएम के 223 पर्यवेक्षक सभी 64 जिलों में तैनात थे। मिशन चुनावोत्तर स्थिति पर नजर रखेगा और अंतिम रिपोर्ट जारी करेगा।