
नई दिल्ली, 14 फरवरी। वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान जेसन होल्डर ने कप्तानी के अनुभव को बेहद चुनौतीपूर्ण बताया है। जियोस्टार पर बातचीत में उन्होंने खुलासा किया कि अगर उन्हें पहले से पता होता कि यह जिम्मेदारी कितनी भारी है, तो मात्र 23 साल की उम्र में वेस्टइंडीज की कमान संभालने से इनकार कर देते।
होल्डर ने कहा कि उन्होंने कप्तानी को शुरू में सिर्फ मैदान पर प्रदर्शन और खिलाड़ियों के प्रबंधन तक सीमित समझा था। लेकिन वास्तविकता में चयन प्रक्रिया, अनुबंध विवाद और अन्य प्रशासनिक मामलों से जूझना बेहद कठिन साबित हुआ। इस युवा उम्र में इतनी जिम्मेदारियां निभाना उनके लिए अभूतपूर्व चुनौती थी।
हालांकि, होल्डर का मानना है कि यह अनुभव ही उन्हें आज का बनाता है। ‘कोई पछतावा नहीं, लेकिन अब समझ आती है कि देश का नेतृत्व करना क्या होता है,’ उन्होंने कहा। 2016 टी20 विश्व कप अभियान को याद करते हुए बताया कि शुरुआत में कपड़े और अनुबंध की समस्याओं से टीम संकट में थी, लेकिन एकजुट होकर उन्होंने खिताब जीता।
होल्डर का लक्ष्य हमेशा वेस्टइंडीज क्रिकेट को बेहतर बनाना रहा। ड्रेसिंग रूम की संस्कृति बदलने से लेकर समग्र दिशा निर्धारित करने तक, उनकी कोशिशें जारी रहीं। वर्तमान में टी20 विश्व कप 2026 के लिए वेस्टइंडीज ग्रुप में शीर्ष पर है, जो उनकी विरासत को दर्शाता है।