
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई संस्थापक इमरान खान की सेहत को लेकर राजनीतिक तापमान चरम पर है। सुप्रीम कोर्ट में खुलासा हुआ कि उनकी दाहिनी आंख में मात्र 15 प्रतिशत दृष्टि बची है। इस खबर ने विपक्षी दलों को आंदोलन के लिए झकझोर दिया।
तहरीक-ए-तहफुज-ए-आयिन-ए-पाकिस्तान (टीटीएपी) गठबंधन ने शुक्रवार को संसद भवन के बाहर धरना शुरू किया। जुमे की नमाज के बाद आरंभ यह प्रदर्शन रात भर चला और दूसरे दिन भी जारी है। मुख्य मांग साफ है- इमरान को जेल से शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया जाए।
पीटीआई के केंद्रीय सूचना सचिव शेख वकास अकरम ने सोशल मीडिया पर बताया कि प्रदर्शनकारी संसद के अंदर ही रात गुजारने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने डिनर और नाश्ता अंदर नहीं पहुंचने दिया। ‘हम भूखे-प्यासे कैदियों की तरह हैं,’ अकरम ने लिखा।
टीटीएपी नेता मुस्तफा नवाज खोखर ने सुबह खाने-पीने की चीजें ले जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने रोक लिया। खोखर ने एक्स पर पोस्ट कर इसे ‘यजीदियत’ करार दिया। उन्होंने कहा कि दोस्तों को खाना-पानी न पहुंचाना क्रूरता की हद है।
यह घटनाक्रम सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के ठीक बाद उभरा है। विपक्ष का आरोप है कि जेल प्रशासन जानबूझकर इमरान की उपेक्षा कर रहा है। धरना जारी रहने से पाकिस्तान की सियासत में नया मोड़ आ सकता है।