
वॉशिंगटन, 14 फरवरी। कनाडा में भारत के उच्चायोग प्रमुख दिनेश पटनायक ने कहा कि भारत-कनाडा के द्विपक्षीय संबंध न केवल सामान्य हो चुके हैं, बल्कि पूर्ण शक्ति के साथ प्रगति कर रहे हैं। फाइनेंशियल पोस्ट को दिए साक्षात्कार में उन्होंने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत के कुछ ही सप्ताह बाद शुरू होने का अनुमान जताया, जिसे शीघ्र अंजाम दिया जा सकता है।
पटनायक ने पिछले दो वर्षों की कठिनाइयों के बाद वर्तमान स्थिति को सर्वोत्तम बताया। जी-7 शिखर में कनानास्किस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी की भेंट ने रिश्तों को नई गति दी। इसके बाद उच्चायुक्तों की बहाली और विदेश, व्यापार, ऊर्जा मंत्रियों सहित संसदीय व क्षेत्रीय प्रतिनिधिमंडलों के दौरों का सिलसिला शुरू हुआ।
उन्होंने कहा कि ये सभी प्रयास खोए हुए समय की भरपाई के लिए हैं। चर्चाओं में राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून प्रवर्तन से लेकर खनन, ऊर्जीकरण, शिक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्र शामिल रहे। पटनायक ने संबंधों को ‘पूर्णतः पटरी पर और मजबूती से आगे बढ़ते’ बताते हुए उच्च स्तरीय कनाडाई यात्रा की अपेक्षा जताई।
सीईपीए को अंतिम रूप देना कठिन नहीं होगा। जी-20 में दोनों पीएम ने वार्ता प्रारंभ का निर्णय लिया था। कनाडाई संसद को 90 दिन का नोटिस दे दिया गया है, फरवरी अंत या मार्च आरंभ में बातें शुरू हो सकती हैं।
भारत की अर्थव्यवस्था अब विश्व की चौथी सबसे बड़ी है और तीसरे पंक्ति पर पहुंचने को तैयार। ईएफटीए, यूरोपीय संघ, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया व यूएई के साथ हालिया व्यापारिक सौदों ने स्थिति मजबूत की। दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून व्यवस्था, प्रेस स्वतंत्रता व बाजार अर्थव्यवस्था साझा करते हैं। संयुक्त राष्ट्र, जी-7 व जी-20 जैसे मंचों पर सहयोग बढ़ेगा।
यह समझौता व्यापार-निवेश को सरल बनाएगा, संसदीय व सामाजिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करेगा। पिछले विवादों के बावजूद जन-जन स्तर पर रिश्ते अटूट रहे—व्यापार बढ़ा, वित्तीय व शैक्षणिक संस्थान सक्रिय। कनाडा में विशाल भारतीय समुदाय शिक्षा व कारोबार का आधार है। अब दोनों सरकारें स्थिरता सुनिश्चित कर रही हैं।