
तमिलनाडु के रामलिंगम हत्याकांड में नई दिल्ली से बड़ी खबर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मुख्य आरोपी इम्ताथुल्लाह के खिलाफ विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। इस आरोपी पर प्रतिबंधित संगठन पीएफआई के हमलावरों और साजिशकर्ताओं को आश्रय देने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
मार्च 2019 में तिरुभुवनम में पीएफआई सदस्यों ने रामलिंगम की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस घटना ने राज्य में सांप्रदायिक शांति को गहरी चोट पहुंचाई और तनाव की आग भड़का दी। एनआईए ने तुरंत जांच संभाली और अब डिंडीगुल निवासी इम्ताथुल्लाह को चेन्नई की पूनमल्ली कोर्ट में घसीटा है।
एजेंसी के मुताबिक, आरोपी ने हमलावरों को पूरे छह साल तक छिपाया, जबकि उसे उनकी भूमिका की पूरी जानकारी थी। यह हत्या सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की बड़ी साजिश का हिस्सा थी। 5 फरवरी 2019 को पक्कू विनायकम थोपू में पीएफआई के जबरन धर्मांतरण के खिलाफ रामलिंगम ने विरोध किया, जिसके बदले उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया।
2019 में 18 आरोपियों पर पहला आरोपपत्र दाखिल हुआ, जिनमें से छह फरार थे। 2021 में एक, 2025 में तीन और गिरफ्तार हुए, जो इम्ताथुल्लाह के कोडाइकनाल रेस्टोरेंट में छिपे थे। उसे अगस्त 2025 में पकड़ा गया। अब सभी प्रमुख फरार आरोपी हिरासत में हैं।
एनआईए पीएफआई के बाकी सदस्यों और साजिशकर्ताओं को चिन्हित करने में जुटी है। यह केस आतंकी नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।