
बेंगलुरु। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने नेतृत्व विवाद के बीच शुक्रवार को कहा कि वे हमेशा आशा की डोर पर जीतते आए हैं। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस और तिप्तूर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘जहां मेहनत हो, वहां फल मिलता है। जहां भक्ति हो, वहां भगवान का आशीर्वाद होता है।’
पार्टी हाईकमान ने 17 फरवरी को उन्हें और सीएम सिद्धारमैया को दिल्ली बुलाया है। इस पर शिवकुमार ने टालते हुए कहा, ‘मुझे जानकारी नहीं। वक्त सब बता देगा।’ गृहminister परमेश्वर के पावर शेयरिंग पर सफाई की मांग पर उन्होंने कहा, ‘उनके भले की कामना करता हूं।’
विधायकों के विदेश दौरे की अफवाहों पर शिवकुमार ने खारिज किया, ‘कोई रिपोर्ट नहीं मांगी। हाईकमान से बात नहीं हुई।’ उन्होंने पार्टी अनुशासन पर बल देते हुए कहा, ‘पार्टी जो कहेगी, वही करूंगा। विधायकों के मुद्दे हाईकमान संभालेंगे। मैं अनुशासित सिपाही बना रहूंगा।’
सरकार के 1000 दिन पूरे होने पर हावेरी में भूमि गारंटी योजना का आयोजन किया। ऋषि अजय्या मठ के मेले में हिस्सा लिया। वर्ल्ड बैंक अधिकारियों से भेंट, गांवों का दौरा, पानी आपूर्ति और केआरएस बांध का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रोजेक्ट प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
शिवकुमार का यह रुख पार्टी में एकता का संदेश देता है। दिल्ली बैठक से कर्नाटक की सियासत की दिशा तय होगी।