
छत्रसाल स्टेडियम में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना जब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘खेलो दिल्ली-दिल्ली खेल महाकुंभ’ का धूमधाम से शुभारंभ किया। यह राजधानी का अब तक का सबसे विशाल जमीनी स्तर का खेल आयोजन है, जो युवाओं को खेलों से जोड़ने और दिल्ली को खेल केंद्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित यह महोत्सव खेलो इंडिया और फिट इंडिया की तर्ज पर तैयार किया गया है। इसका लक्ष्य स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना और स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पटल पर चमकाना है। आधिकारिक मैस्कॉट ‘रनवीर’ का अनावरण भी समारोह का हिस्सा रहा।
ओलंपिक विजेता रवि दहिया, क्रिकेटर शिखर धवन और पैरा ओलंपियन शरद कुमार को ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया। सीएम ने ओपन जीप से स्टेडियम का भ्रमण कर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। 1000 से अधिक खिलाड़ियों, सीडब्ल्यूएसएन, स्कूल बैंड्स और ढोल दलों की मार्च पास्ट ने समां बांध दिया। गायक परमिश वर्मा की प्रस्तुति ने माहौल को चरम पर पहुंचा दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महाकुंभ युवाओं के सपनों का पर्व है। सरकार ने 33 करोड़ की लंबित पुरस्कार राशि वितरित की। नई नीति में ओलंपिक गोल्ड पर 7 करोड़, सिल्वर 5 करोड़, ब्रॉन्ज 3 करोड़। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सालाना 20 लाख, छात्रों को 5 लाख और 10 लाख बीमा।
विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देते हुए सीएम ने नए स्टेडियम, मैदान, उपकरण, कोचिंग का वादा किया। मंत्री आशीष सूद ने इसे खेल राजधानी बनाने का जनआंदोलन बताया।
एक माह का आयोजन 17 स्टेडियमों में—एथलेटिक्स से स्क्वैश तक। 16,000+ पंजीकृत, लक्ष्य 1 लाख। महिलाओं पर फोकस। पुरस्कार: टीम गोल्ड 1.75 लाख। यह खेल संस्कृति का पुनरुत्थान है।