
केरल विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरों पर है। राज्य में सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है, जहां कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अपनी पहली उम्मीदवारों की सूची इस महीने के अंत तक जारी करने का संकेत दिया है। तिरुवनंतपुरम से मिल रही खबरों के अनुसार, यह घोषणा चुनावी माहौल को और गर्म कर देगी।
कांग्रेस में आंतरिक बदलाव की चर्चा तेज है। प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ कन्नूर जिले के पेरावूर से चुनाव लड़ने को बेताब हैं। इसके लिए उन्हें अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ेगा, जिसके बाद अंतरिम अध्यक्ष की नियुक्ति जरूरी होगी। राज्य के नाजुक सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए, ईसाई नेता को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
चर्चा में केसी जोसेफ और सांसद बेनी बेहनन के नाम प्रमुख हैं। हालांकि, बेहनन को हाल में घोषणापत्र समिति का प्रमुख बनाए जाने के बाद केसी जोसेफ पर सहमति बनती दिख रही है। पूर्व अंतरिम अध्यक्ष एमएम हसन भी दौड़ में हैं, लेकिन उनकी खुद की उम्मीदवारी उन्हें बाहर कर सकती है।
पार्टी अपनी पहली सूची में मौजूदा विधायकों को वरीयता देगी, ताकि स्थिरता का संदेश जाए और गुटबाजी से बचा जा सके। आचार संहिता से पहले यह सूची जारी करना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
भाजपा के राज्य अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने शुक्रवार को पुष्टि की कि उनकी सूची भी इसी महीने आएगी। स्थानीय निकाय चुनावों की सफलता पर सवार होकर भाजपा चुनिंदा सीटों पर मजबूत रणनीति बना रही है।
वाम मोर्चा भी उच्च स्तरीय बैठकों में व्यस्त है, जिससे तीनों मोर्चों पर रोमांचक टक्कर की उम्मीद है।