
नई दिल्ली। सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने शुक्रवार को राज्यसभा में बताया कि वेव्स बाजार भारतीय ऑडियो-विजुअल कंटेंट को वैश्विक स्तर पर ले जा रहा है। ‘क्रिएट इन इंडिया, क्रिएट फॉर द वर्ल्ड’ पहल के तहत यह प्लेटफॉर्म क्रिएटिव टैलेंट को रोजगार और निर्यात के अवसरों में बदल रहा है।
इस सम्मेलन ने देश के क्रिएटर्स, प्रोड्यूसर्स और स्टार्टअप्स को 100 से अधिक देशों के खरीदारों, निवेशकों, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और तकनीकी नेताओं से जोड़ा। क्रिएट इन इंडिया चैलेंजेस (सीआईसी) में एनिमेशन, गेमिंग, एआर/वीआर और संगीत जैसी 33 श्रेणियों में लाखों पंजीकरण हुए। विजेताओं को मेलबर्न, टोरंटो, कान्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शन और बी2बी मीटिंग्स का मौका मिला।
राष्ट्रीय आयोजनों जैसे इंडियाजॉय, आईजीडीसी और आईएफएफआई गोवा में भी ये प्रतिभाएं चमक रही हैं। वेवएक्स स्टार्टअप इनक्यूबेटर 34 वेंचर्स को समर्थन दे रहा है, जिसमें 100 से ज्यादा आवेदन लाइन में हैं। कलासेतु-भाषासेतु चुनौतियों के 10 स्टार्टअप सरकारी पायलट प्रोजेक्ट्स चला रहे हैं।
टी-हब हैदराबाद और आईआईटी दिल्ली के साथ साझेदारी से वेवएक्स का विस्तार हो रहा है, जो एफटीआईआई, आईआईएमसी जैसे संस्थानों तक फैलेगा। सरकार स्किलिंग, उद्यमिता और रोजगार के लिए इनक्यूबेशन सेंटर बढ़ा रही है। ग्लोबल मास्टरक्लास से क्रिएटिव वर्कफोर्स मजबूत हो रही है। वेव्स का लक्ष्य भारतीय कंटेंट निर्यात बढ़ाना और टैलेंट को स्थायी आजीविका देना है।