
नई दिल्ली। राज्यसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा भाजपा सांसद लहर सिंह सिरोया को ‘प्रवासी’ कहे जाने पर सियासी बवाल मच गया है। राजस्थान मूल के कर्नाटक प्रतिनिधि सिरोया ने सोशल मीडिया पर खुलकर जवाब दिया और खड़गे के बयान को अपमानजनक बताया।
सिरोया ने एक्स पर लिखा, ‘कल बजट पर बोलते हुए खड़गे जी ने मुझे प्रवासी कहा, यानी कर्नाटक का बाहरी। इससे मुझे गहरा दुख पहुंचा।’ उन्होंने अपनी कहानी साझा की- राजस्थान में जन्म, लेकिन कर्नाटक को कर्मभूमि बनाया। ‘मैं बचपन से यहां हूं, पूरी जिंदगी यहीं गुजारी। कर्नाटक के उदार लोगों ने मुझे अपनाया। मैं राजस्थानी से ज्यादा कन्नड़िगा हूं। लेकिन क्या जन्मभूमि का गर्व गुनाह है?’
दोनों राज्यों की महान परंपराओं का जिक्र करते हुए सिरोया ने खड़गे पर तंज कसा। ‘खड़गे जी गुलबर्गा में पैदा हुए, जो निजाम हैदराबाद का हिस्सा था। हैदराबाद में पढ़ाई की। भाषाई पुनर्गठन के बाद ही मैसूर राज्य में आए। क्या वे भी बाहरी?’
सबसे तीखा सवाल सोनिया गांधी पर। ‘अगर मैं बाहरी, तो खड़गे जी के बगल में बैठने वाली सोनिया गांधी? जिन्हें वे नेता मानते हैं। इटली से आईं, राजस्थान से राज्यसभा सदस्य। क्या इटली भारत का हिस्सा था? राजस्थान तो हमेशा रहा। क्या वे राजस्थान में प्रवासी?’
सिरोया कर्नाटक के विकास पर बोल रहे थे जब यह टिप्पणी आई। यह विवाद क्षेत्रवाद बनाम राष्ट्रवाद की बहस को तेज कर रहा है। भाजपा इसे कांग्रेस की पाखंडी राजनीति बता रही, जबकि विपक्ष चुप्पी साधे है। संसद सत्र में ऐसे हादसे राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।