
चंडीगढ़। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) मार्च में आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम लागू करने जा रहा है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की, जिससे पंजाब देश के उन चुनिंदा राज्य बोर्डों में शामिल हो गया है जो पूर्णतः डिजिटल मूल्यांकन अपना रहे हैं।
इस नई प्रणाली से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। शिक्षक स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं को कंप्यूटर पर देखकर मूल्यांकन करेंगे, जबकि सॉफ्टवेयर स्वतः अंकों का जोड़ देगा। इससे परिणाम न केवल तेज आएंगे, बल्कि पूर्ण रूप से सटीक भी होंगे।
मंत्री बैंस ने बताया कि सितंबर 2025 की पूरक परीक्षाओं में इस सिस्टम का सफल परीक्षण किया गया था, जिसमें 23,000 उत्तर पुस्तिकाओं की जांच बिना किसी त्रुटि के पूरी हुई। उत्साहजनक परिणामों के आधार पर इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा के एक विषय में इसे शुरू किया जाएगा, फिर चरणबद्ध तरीके से अन्य विषयों में विस्तार होगा।
सुरक्षा के मद्देनजर नई उत्तर पुस्तिकाओं के प्रत्येक पृष्ठ पर अलग-अलग क्यूआर कोड दिए जाएंगे। इन्हें सुरक्षित वातावरण में स्कैन कर केंद्रीय डैशबोर्ड पर अपलोड किया जाएगा। परीक्षक ऑनलाइन जांच करेंगे, जहां निर्धारित मार्किंग स्कीम के अनुरूप अंक जुड़ेंगे और प्रगति पर नजर रखी जा सकेगी।
पीएसईबी चेयरमैन अमरप्रीत सिंह ने कहा कि यह सिस्टम छात्रों को एकसमान मूल्यांकन और पूर्ण पारदर्शिता प्रदान करेगा। शिक्षकों को स्वच्छ डिजिटल मंच मिलेगा, जो एकरूपता और सटीक रिकॉर्ड सुनिश्चित करेगा। सभी तैयारियां पूर्ण होने से मार्च में इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।
यह बदलाव छात्रों के भविष्य को निष्पक्षता और दक्षता के साथ आकार देगा, जो पंजाब शिक्षा प्रणाली की मजबूती का प्रतीक है।