
इलेक्ट्रिक दोपहिया क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ओला इलेक्ट्रिक ने वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के आंकड़े जारी किए हैं, जो निराशाजनक हैं। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में परिचालन राजस्व सालाना आधार पर 55.02 प्रतिशत घटकर 470 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल 1,045 करोड़ रुपये था। कुल राजस्व में भी 56.99 प्रतिशत की कमी आई और यह 504 करोड़ रुपये पर सिमट गया।
कंपनी लगातार घाटे से जूझ रही है। इस तिमाही में 487 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया गया, जो सितंबर तिमाही के 418 करोड़ से अधिक है, हालांकि पिछले साल के 564 करोड़ से कम। खर्चों में राहत मिली, जो 50.76 प्रतिशत घटकर 741 करोड़ रुपये हो गए। सामग्री लागत में 74 प्रतिशत की कटौती हुई, जो 223 करोड़ रुपये रह गई। इससे उत्पादन में कमी साफ झलकती है।
शेयर बाजार में भी असर दिखा। शुक्रवार को शेयर 0.26 प्रतिशत लुढ़ककर 30.9 रुपये पर बंद हुआ और 52-सप्ताह का नया निचला स्तर 30.41 रुपये छुआ। एक साल में 51.90 प्रतिशत और इस साल अब तक 17.59 प्रतिशत की गिरावट।
पिछले महीने कंपनी ने 5 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की, जो संरचनात्मक बदलाव का हिस्सा है। ओला ग्राहक सेवा पर जोर दे रही है, जहां हाइपरसर्विस से 80 प्रतिशत से ज्यादा अनुरोध उसी दिन निपटाए जा रहे हैं। लाभप्रदता की राह में ये कदम महत्वपूर्ण होंगे।