
नई दिल्ली। भारत सरकार ने थाईलैंड में अपने नए राजदूत के रूप में पुनीत अग्रवाल की नियुक्ति की घोषणा की है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी साझा की, जो दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
1997 बैच के आईएफएस अधिकारी अग्रवाल वर्तमान में मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं। उनके समृद्ध कूटनीतिक अनुभव में जिनेवा में राजदूत व डिप्टी परमानेंट रिप्रेजेंटेटिव, हांगकांग में कौंसल जनरल, साथ ही वियना, थिम्पू और बर्लिन में महत्वपूर्ण भूमिकाएं शामिल हैं। आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त अग्रवाल बहुपक्षीय कूटनीति के विशेषज्ञ हैं।
जुलाई 2022 से दिसंबर 2025 तक उन्होंने हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के रणनीतिक हितों का संचालन किया। फरवरी 2019 से जुलाई 2022 तक जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
यह नियुक्ति उस समय हो रही है जब अप्रैल 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बैंकॉक दौरे के दौरान भारत-थाईलैंड संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया। यह साझेदारी ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘एक्ट वेस्ट’ नीतियों के संगम पर आधारित है, जो व्यापार, संस्कृति और कनेक्टिविटी पर केंद्रित है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 19.07 अरब डॉलर रहा, जिसमें भारत को 10 अरब डॉलर का व्यापार घाटा झेलना पड़ा। भारत के प्रमुख निर्यात में मशीनरी, रत्न-अभूषण और दवाएं शामिल हैं, जबकि आयात में वनस्पति तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और प्लास्टिक कच्चा माल प्रमुख हैं।
अग्रवाल के अनुभव से अपेक्षा है कि वे व्यापार संतुलन, सुरक्षा सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई गति देंगे।