
नई दिल्ली में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सेवा तीर्थ’ प्रशासनिक परिसर का अनावरण किया। इस अत्याधुनिक सुविधा में पीएमओ, एनएससीएस और कैबिनेट सचिवालय को एक छत के नीचे लाया गया है, जो शासन व्यवस्था में एकीकरण की नई दिशा का प्रतीक है।
कार्यक्रम में डॉ. जितेंद्र सिंह, मनोहर लाल और अजीत डोवाल जैसे वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। रायसीना हिल के साउथ ब्लॉक से करीब एक किमी दूर कर्तव्य पथ पर बने इस परिसर ने पुरानी व्यवस्था को पीछे छोड़ दिया है।
शाम को कर्तव्य भवन-1 और 2 का भी उद्घाटन होगा, जहां वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे मंत्रालय कार्यभार संभालेंगे। केंद्रीय विस्टा में बिखरे पुराने भवनों से उत्पन्न समन्वय की समस्याएं अब इतिहास बन जाएंगी।
नए परिसर डिजिटल एकीकरण, सुगम जनसंपर्क क्षेत्र और केंद्रीकृत रिसेप्शन से लैस हैं। इससे तालमेल, कुशलता और नागरिक सेवाएं मजबूत होंगी। कर्मचारियों को भी आधुनिक कार्यस्थल मिलेगा।
4-स्टार जीआरआईएचए मानकों पर बना यह परिसर नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन और उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकों से युक्त है। पर्यावरण संरक्षण के साथ परिचालन क्षमता बढ़ेगी।
सुरक्षा के लिए स्मार्ट एक्सेस, निगरानी नेटवर्क और आपात प्रतिक्रिया प्रणाली सुनिश्चित की गई है। यह कदम आधुनिक, नागरिक-केंद्रित शासन की मजबूत नींव रखता है।