
मुंबई। फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेताम्बरी भट्ट को 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के गंभीर मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने अंतरिम जमानत प्रदान की है, लेकिन धोखाधड़ी का पैसा जल्द से जल्द लौटाने का सख्त निर्देश दिया है।
उदयपुर सेशन कोर्ट से जमानत न मिलने के बाद दंपति ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। आज सुनवाई के दौरान सीजेआई की बेंच ने राजस्थान सरकार को नोटिस जारी कर दंपति को जमानत बांड पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट शर्तें लगाईं- जांच में पूर्ण सहयोग, दिल्ली में निवास, पासपोर्ट जमा करना। अगली सुनवाई गुरुवार को निर्धारित है।
मामला इंदिरा ग्रुप के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया से जुड़ा है। उन्होंने पत्नी की बायोपिक के लिए भट्ट से संपर्क किया, चार फिल्मों पर सहमति बनी और 44.29 करोड़ निवेश किए। कुछ शूटिंग के बाद भट्ट ने पैसा लौटाने से इनकार कर दिया। बार-बार मांग पर टालमटोल हुआ, जिससे मुर्डिया कोर्ट पहुंचे।
इससे पहले उदयपुर अदालत ने जमानत ठुकराई। भट्ट पर 13.5 करोड़ की अलग धोखाधड़ी भी दर्ज है, जो 24 जनवरी को व्यापारी की शिकायत पर आर्थिक अपराध इकाई जांच रही।
भट्ट की फिल्में जैसे राज़ ने ख्याति दिलाई, लेकिन यह विवाद उनके करियर पर साया डाल रहा। जमानत से राहत तो मिली, पर पैसे की वसूली और जांच तय करेगी आगे का रास्ता। बॉलीवुड में निवेश जोखिमों पर बहस तेज।