
ओडिशा के पुरी में स्थित प्राचीन श्री लोकनाथ मंदिर विजया एकादशी के पावन अवसर पर भक्तों की अपार भीड़ का केंद्र बन गया है। भगवान शिव के इस स्वरूप के दुर्लभ दर्शन के लिए ब्रह्म मुहूर्त से ही मंदिर परिसर में लंबी-लंबी कतारें लगी नजर आ रही हैं।
श्रद्धालु सबसे पहले मंदिर के पवित्र तालाब में स्नान कर शुद्धि प्राप्त करते हैं। यहाँ हर साल महाशिवरात्रि से दो दिन पूर्व पंकोद्धारा अनुष्ठान आयोजित होता है, जिसमें शिवलिंग पर जमा जल, फूलों और मलिनता को साफ किया जाता है। इस दिन बाबा का पूर्ण रूप प्रकट होता है, जो अन्य दिनों में नहीं दिखता।
मंदिर के प्रमुख पुजारी शशांक शेखर महापात्रा ने बताया कि यह विश्व का एकमात्र ऐसा शिव मंदिर है जहाँ पंकोद्धारा एकादशी का उत्सव मनाया जाता है। उन्होंने कहा, ‘आज के दर्शन से एक लाख शिवलिंग दर्शन का फल मिलता है। यह न केवल नेत्रों को, अपितु आत्मा को भी स्पर्श करता है।’
भीड़ प्रबंधन के लिए दो कतारों की व्यवस्था की गई है। पुलिस और मंदिर प्रशासन संयुक्त रूप से भक्तों को सहज दर्शन उपलब्ध कराने में जुटे हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह शिवलिंग भगवान राम द्वारा स्थापित माना जाता है। तालाब का स्नान शारीरिक-मानसिक रोगों से मुक्ति दिलाता है।
महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर यह अनुष्ठान आस्था का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है, जो पुरी की धार्मिक परंपराओं को जीवंत रखता है।