
शिकागो में अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने 10 मिलियन डॉलर के विशाल हेल्थकेयर धोखाधड़ी कांड में दो पाकिस्तानी नागरिकों के खिलाफ अभियोग पत्र दायर किया है। इस सनसनीखेज मामले में बुरहान मिर्जा और काशिफ इकबाल मुख्य आरोपी बनाए गए हैं, जिन्होंने मेडिकेयर और निजी बीमा कंपनियों को निशाना बनाया।
2023-2024 के दौरान दोनों ने कठपुतली मालिकों वाली नकली लैबोरेटरी और ड्यूरेबल मेडिकल इक्विपमेंट कंपनियों के जरिए ऐसी सेवाओं और उपकरणों के फर्जी बिल भेजे, जो कभी मुहैया ही नहीं कराए गए। मिर्जा ने मरीजों, डॉक्टरों और कंपनियों की निजी जानकारियां चुराकर इन झूठे दावों को बल दिया।
इकबाल, जो टेक्सास में रहते थे, कई फर्जी उपकरण प्रदाताओं से जुड़े थे और धोखे से कमाए पैसे को पाकिस्तान भेजने का जाल बुनते रहे। उप अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने कड़ा रुख अपनाते कहा, ‘ये अपराधी अमेरिकी वृद्धों और विकलांगों के लिए बने कार्यक्रम से चोरी कर रहे थे। हम करदाताओं का पैसा अपराधियों तक नहीं पहुंचने देंगे।’
इलिनॉय के यूएस अटॉर्नी एंड्रयू एस. बुट्रोस ने कहा, ‘हर फर्जी क्लेम बुजुर्गों की जेब काटने जैसा था।’ मिर्जा पर 12 फ्रॉड और 5 मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप, इकबाल पर 12 फ्रॉड, 6 लॉन्ड्रिंग और एक झूठा बयान देने का। तीन अन्य सहयोगी पहले ही दोषी ठहर चुके।
यह कार्रवाई अमेरिकी स्वास्थ्य व्यवस्था में विदेशी घुसपैठ के खिलाफ मजबूत संदेश देती है।