
मुंबई, 12 फरवरी। सरकार की वंदे मातरम संबंधी गाइडलाइंस पर एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने साफ कहा कि किसी को भी इस गीत को गाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में पठान ने स्पष्ट किया कि वंदे मातरम का वे पूर्ण सम्मान करते हैं, लेकिन संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार हर नागरिक को प्राप्त है। मुसलमानों को गीत की कुछ पंक्तियां धार्मिक दृष्टि से स्वीकार्य नहीं। जब राष्ट्रगान बजता है तो सभी सम्मानपूर्वक खड़े होकर गाते हैं, लेकिन वंदे मातरम न गाने पर किसी को राष्ट्र-विरोधी ठहराना अनुचित है।
भाजपा पर निशाना साधते हुए पठान ने कहा कि वे केवल नफरत का जहर घोलना चाहते हैं। लाल किले ब्लास्ट पर यूएन रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। पाकिस्तान आतंकी गतिविधियों को शह देता है, पुलवामा-26/11 जैसे हमलों का जिम्मेदार है। फिर भी भारत पाक के साथ क्रिकेट मैच क्यों खेलता है? सरकार को सख्त रुख अपनाना चाहिए।
मुंबई महापौर के बांग्लादेशी घुसपैठिए वाले बयान पर पठान ने तीखा प्रहार किया। भाजपा की होने के बावजूद उन्होंने नफरत फैलानी शुरू कर दी। प्रदूषण, गड्ढे भरी सड़कें जैसे मुद्दों पर ध्यान दें। लातूर घटना पर कहा कि भाजपा नेताओं के बयानों से मुसलमानों का जीवन कठिन हो गया है। ऐसे लोगों पर सख्ती जरूरी।