
नई दिल्ली में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मुलाकात हुई, जब अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने विदेश सचिव विक्रम मिसरी से भेंट की। दोनों ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत बनाने और हाल ही में अंतिम रूप दिए गए व्यापार समझौते पर गहन विचार-विमर्श किया।
मुलाकात के बाद गोर ने एक्स पर अपनी प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने लिखा, ‘विदेश सचिव विक्रम मिसरी से मिलना हमेशा सुखद होता है। यूएस-भारत साझेदारी को बढ़ावा देने पर हमारी उत्कृष्ट चर्चा हुई। ट्रेड डील फाइनल होने से भविष्य में अवसरों की कोई कमी नहीं रहेगी।’
यह चर्चा पिछले सप्ताह घोषित पारस्परिक लाभकारी अंतरिम व्यापार ढांचे के बाद आई है। यह ढांचा एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की दिशा में वार्ता को गति देने का प्रयास है। व्हाइट हाउस ने भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की आधिकारिक पुष्टि की थी।
संयुक्त बयान में कहा गया कि भारत और अमेरिका ने आपसी फायदे वाले अंतरिम समझौते के ढांचे पर सहमति जताई है। यह भारत-अमेरिका बीटीए वार्ता के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जिसकी शुरुआत फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी।
यह समझौता लगभग एक वर्ष के व्यापारिक तनाव के बाद आया है। 2 फरवरी को पीएम मोदी और ट्रंप ने ट्रेड डील पर सहमति की घोषणा की। मोदी ने एक्स पर लिखा, ‘प्रिय मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से बात करके अच्छा लगा। ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर शुल्क घटकर 18 प्रतिशत होना गर्व की बात। 140 करोड़ भारतीयों की ओर से धन्यवाद।’
मोदी ने कहा कि दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का सहयोग लोगों को लाभ पहुंचाता है और अपार अवसर पैदा करता है। उन्होंने ट्रंप के वैश्विक शांति प्रयासों की सराहना की और साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की इच्छा जताई।
यह मुलाकात भारत-अमेरिका संबंधों में व्यापार के क्षेत्र में नई गति का संकेत देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि शुल्क में कमी से भारतीय निर्यातकों को बड़ा लाभ होगा, खासकर वस्त्र, दवा और आईटी क्षेत्रों में।