
नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने गुरुवार को अन्वेषण लाइसेंस ब्लॉकों की नीलामी के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। यह कदम देश के खनिज अन्वेषण तंत्र को मजबूत बनाने और आयात निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
मंत्री ने घरेलू अन्वेषण में गति लाने और निजी-सार्वजनिक क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने पारदर्शी, तकनीकी रूप से सशक्त अन्वेषण ढांचे के निर्माण की प्रतिबद्धता जताई, जो अप्रयुक्त खनिज संपदा को सामने लाएगा।
महत्वपूर्ण खनिजों के रणनीतिक मूल्य को रेखांकित करते हुए रेड्डी ने कहा कि मजबूत अन्वेषण व्यवस्था विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने और खनन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करेगी।
सरकार सभी क्षेत्रों में तेज सुधार कर रही है, जो पारदर्शिता, दक्षता और निवेश को प्रोत्साहित करेंगे। इसी कड़ी में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण का नेक्स्ट-जनरेशन पोर्टल लॉन्च किया गया। यह क्लाउड आधारित प्लेटफॉर्म एआई/एमएल टूल्स से लैस है और एनजीडीआर से जुड़ा हुआ डेटा प्रबंधन को एकीकृत करता है।
दूसरे चरण में आठ राज्यों के 11 ब्लॉक शामिल हैं, जो गहन खनिजों पर केंद्रित हैं। खान सचिव पीयूष गोयल ने इसे क्षेत्रीय विकास के लिए मील का पत्थर बताया। 2023 के संशोधन नियमों ने नीलामी प्रक्रिया को सरल और समावेशी बनाया है। यह पहल खनिज क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।