
नई दिल्ली। दुनिया के सबसे बड़े ग्रामीण कनेक्टिविटी कार्यक्रम भारतनेट ने डिजिटल डिवाइड को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राज्यसभा में बताया कि 2.56 लाख ग्राम पंचायतों में से 2.14 लाख अब ऑनलाइन हो चुकी हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में मोबाइल और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। मोबाइल ग्राहक 93 करोड़ से बढ़कर 12 अरब हो गए, पहुंच 75 से 92 प्रतिशत। इंटरनेट उपयोगकर्ता 25 करोड़ से 1 अरब से अधिक, पहुंच 20 से 71.8 प्रतिशत। ब्रॉडबैंड भी 6 करोड़ से 1 अरब पार, औसत स्पीड 61.55 एमबीपीएस।
भारतनेट चरण एक और दो के तहत ऑप्टिकल फाइबर बिछाकर यह उपलब्धि हासिल की गई, लागत 42,000 करोड़ रुपये। सिंधिया ने राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन 2.0 के 2030 लक्ष्य साझा किए।
राष्ट्रीय फिक्स्ड ब्रॉडबैंड स्पीड 100 एमबीपीएस, 42,000 गांवों में 95 प्रतिशत अपटाइम, इसे 2.7 लाख तक ले जाना। ग्रामीण इंटरनेट ग्राहक प्रति 100 आबादी 47.16 से 60 तक।
यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य को मजबूत करेगी, भारत को डिजिटल सुपरपावर बनाएगी।