
लखनऊ में प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को मनी लॉंड्रिंग के गंभीर मामले में ठोस कदम उठाया। संत कबीर नगर और आजमगढ़ में मौलाना शम्सुल हुदा खान से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की गई। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस की एफआईआर पर आधारित है, जिसमें धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप लगे हैं। मौलाना खान ने 2013 में चुपके से ब्रिटिश नागरिकता हासिल कर ली, फिर भी 2023 तक पेंशन लेते रहे, जबकि वह विदेश में रह रहे थे। उनके नियंत्रण वाले एनजीओ से काले धन का प्रवाह हुआ। छापे में 17 अचल संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए गए, जिनका बाजार मूल्य 20 करोड़ से ऊपर है।