
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के 2026-27 बजट सत्र में गुरुवार को उच्च शिक्षा में सुधार के साथ-साथ कौशल विकास और रोजगार सृजन के महत्वपूर्ण प्रस्तावों ने सुर्खियां बटोरीं। सदन ने उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2026 और उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2026 को चर्चा के बाद बहुमत से पारित कर दिया।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने इन विधेयकों को पेश करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, प्रभावी और उत्कृष्ट बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा रहा है। इन संशोधनों से विश्वविद्यालयों का प्रशासनिक व शैक्षणिक ढांचा मजबूत होगा, जिससे छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
इसी क्रम में उ0प्र0 कौशल विकास मिशन के तहत लखनऊ के राजकीय आईटीआई अलीगढ़ में ऑटोमोटिव क्षेत्र के निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। 320 घंटे का ‘ऑटोमोटिव असेंबली ऑपरेटर’ और 420 घंटे का ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल मेंटेनेंस टेक्नीशियन’ कोर्स 10वीं, 12वीं या आईटीआई पास 18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं के लिए उपलब्ध हैं। महिलाओं व दिव्यांगों के लिए आरक्षित सीटें हैं और प्रशिक्षण के बाद प्लेसमेंट की गारंटी।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान ने ओडीओपी योजना की सफलता गिनाई, जिसमें 2018 से 3.16 लाख लोगों को रोजगार मिला। 1.31 लाख कारीगरों को प्रशिक्षण व टूलकिट दिए गए। सहारनपुर में 2275 को उन्नत किट और 454 को 16.26 करोड़ की सहायता मिली। चालू वर्ष के लिए 200 करोड़ का बजट है। निर्यात 86 हजार करोड़ से बढ़कर 1.86 लाख करोड़ पहुंचा, जिसमें ओडीओपी का 50 प्रतिशत योगदान। 79 उत्पादों को जीआई टैग मिला है।
उच्च शिक्षा सुधार, कौशल उन्नयन और स्थानीय उद्योगों के प्रोत्साहन से उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भरता और रोजगार की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।