
काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और उसके आसपास के इलाकों में शुक्रवार से अगले एक महीने तक पांच या इससे अधिक लोगों के किसी भी विरोध प्रदर्शन पर सख्ती से रोक लगा दी गई है। जिला प्रशासन कार्यालय ने यह कदम हवाई अड्डे पर प्रस्तावित आंदोलनों की खबरों के बाद उठाया है, ताकि उड़ानों और यात्रियों की सुविधा बाधित न हो।
आदेश के अनुसार, भूख हड़ताल, धरना, घेराबंदी, रैली, जुलूस, प्रदर्शन और बड़ी सभाओं पर पूर्ण पाबंदी है। यह प्रतिबंध एयरपोर्ट के मुख्य द्वार से लेकर टर्मिनल भवनों, पार्किंग जोन और परिधि की सभी सड़कों तक फैला हुआ है।
प्रशासन का कहना है कि यह क्षेत्र बेहद नाजुक है। ऐसे आयोजन उग्र भीड़ को भड़का सकते हैं, जिससे तोड़फोड़, आगजनी, झड़पें और कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो सकती है। इससे आवश्यक सेवाएं, परिवहन और सार्वजनिक संपत्ति को गहरा नुकसान पहुंच सकता है।
हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा और विरोध के अधिकार का सम्मान किया जाएगा, लेकिन प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर। आयोजकों को अन्य जगहों पर पूर्वानुमति लेने की सलाह दी गई है। किसी भी क्षति की भरपाई आयोजकों से ही वसूली जाएगी।
यह फैसला नेपाल में बढ़ते असंतोष के बीच महत्वपूर्ण है, जो हवाई यातायात को सुरक्षित रखने की प्रतिबद्धता दर्शाता है। यात्रियों को कोई असुविधा न होने की उम्मीद है।