
मुंबई में गुरुवार को समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने पत्रकारों के समक्ष कई गंभीर मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने मुसलमानों की असुरक्षा, कानून व्यवस्था की बिगड़ती हालत, घुसपैठ और देशभक्ति जैसे विषयों पर बेबाकी से बोला। उनका मानना है कि आज मुसलमान खुद को पूरी तरह महफूज महसूस नहीं कर रहे।
अबू आजमी ने कहा, ‘मुसलमान 100 प्रतिशत सुरक्षित नहीं हैं। दाढ़ी-टोपी पहनने पर तंग किया जाता है। उनके धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप हो रहा है। 2014 से सत्ता में आई सरकार ने कभी मुसलमानों की भलाई पर चर्चा नहीं की, उल्टा उनके खिलाफ भ्रम फैलाए।’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर मुसलमानों को देशद्रोही दिखाने की साजिश रची है।
लातूर जा रहे एक मुस्लिम पर ट्रेन में हमले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 2014 से नफरत का जहर घुला है। अब अच्छे लोग भी भेदभाव करने लगे हैं। यह सत्ता की कुर्सी बचाने की चाल है।
बीएमसी मेयर रितु तावड़े के अवैध बांग्लादेशी रेहड़ीवालों को हटाने के बयान पर उन्होंने मुसलमानों की देशभक्ति का जिक्र किया। ‘आजादी के समय मुसलमानों ने जान की पेशकश की। ‘सारे जहां से अच्छा’ का नारा किसने दिया? सीमा पर हमेशा मुसलमानों ने बलिदान दिया।’
घुसपैठ पर दिल्ली सरकार को ललकारा, ‘हिम्मत हो तो पहले कार्रवाई करें। सीमा सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। उनके राज में बांग्लादेशी घुस रहे हैं, पासपोर्ट-आधार मिल रहा है। फिर भी विपक्ष और मुसलमानों पर इल्जाम लगाते हैं।’
पाकिस्तान पर सख्ती से बोले, ‘हाथ बढ़ाते हैं तो क्यों नहीं तोड़ देते? ये वही हाथ हैं जो आतंक फैलाते हैं। हम पाक से कहीं ताकतवर हैं।’
कानून व्यवस्था पर चिंता जताई कि अपराधी अब डरते नहीं। हत्या, चोरी, बलात्कार, ड्रग्स के बाद भी रिश्वत या केस में खामियों से बच निकलते हैं। अपराध रोज बढ़ रहे हैं।
अबू आजमी के बयान ने सांप्रदायिक तनाव और शासन की कमियों पर बहस छेड़ दी है।