
नई दिल्ली। बांग्लादेश में आम चुनावों के बीच हिंसा की घटनाओं ने माहौल बिगाड़ दिया है, लेकिन भारत ने साफ कहा है कि वह नतीजों का इंतजार करेगा और जनादेश के आधार पर अगला कदम उठाएगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को मीडिया ब्रीफिंग में जोर देकर कहा कि भारत निष्पक्ष और विश्वसनीय चुनावों का समर्थन करता है। ‘हमें परिणामों का इंतजार करना चाहिए ताकि जनादेश की प्रकृति समझ आए और उसके अनुरूप कदम उठाए जाएं।’
न्योता मिलने के बावजूद भारत ने कोई पर्यवेक्षक नहीं भेजा। यह फैसला तब लिया गया जब खुलना जिले के आलिया मदरसा पोलिंग स्टेशन पर बीएनपी नेता मोहिबुज्जमां कोच्चि की मौत हो गई।
चश्मदीदों के अनुसार, सुबह से ही बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी समर्थकों में तनाव था। मदरसे के प्रिंसिपल पर जमात के पक्ष में प्रचार का आरोप लगा। रोकने पर कोच्चि को धक्का दिया गया, जिससे वह पेड़ से टकराकर सिर में चोटिल हो गए और उनकी मौत हो गई।
पूर्व बीएनपी नेता यूसुफ हारुन मजनू ने घटना का विस्तार से जिक्र किया। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया, लेकिन देर हो चुकी थी। अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
इसी तरह गोपालगंज में रेशमा इंटरनेशनल स्कूल पर कॉकटेल बम हमले से तीन लोग घायल हुए। ये घटनाएं बांग्लादेश में खराब कानून व्यवस्था को उजागर करती हैं।
जैसे-जैसे नतीजे आ रहे हैं, भारत सतर्क नजर रखे हुए है। क्षेत्रीय स्थिरता के लिए जनादेश महत्वपूर्ण होगा।