
पाकिस्तान में अवैध विदेशी निवासियों के खिलाफ सख्ती तेज हो गई है। रावलपिंडी में पुलिस ने 5,439 अफगान नागरिकों को हिरासत में ले लिया है, जो दस्तावेजों के अभाव में देश में रह रहे थे। 31 मार्च की स्वैच्छिक निर्वासन समयसीमा खत्म होने के बाद यह अभियान और मुखर हुआ है।
संघीय राजधानी क्षेत्र में बिना कागजात वाले अफगानों, अवैध किरायेदारों, होटलों और ट्रैवल एजेंसियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस को रोजाना जांच के आदेश दिए गए हैं, और रिकॉर्ड में चूक पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी है। टेनेंसी एक्ट के तहत 38 और लोगों को पकड़ा गया।
चोन्ट्रा, चक्री, कहूटा, नसीराबाद जैसे इलाकों में सर्च ऑपरेशन चल रहे हैं। सीपीओ सैयद खालिद महमूद हमदानी के निर्देश पर ये कार्रवाइयां हो रही हैं। नागरिकों से अपील है कि किरायेदारों का पंजीकरण थाने कराएं।
हिरासत केंद्रों से 19 लोगों के लापता होने की खबरें भी आई हैं। अफगानिस्तान में तालिबान ने पाकिस्तानी कार्रवाइयों की निंदा की है। उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने शरणार्थियों पर अत्याचार का आरोप लगाते हुए संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग की।
पिछले साल से पाकिस्तान ने हजारों अफगानों को वापस भेजा है, जिससे मानवाधिकार कार्यकर्ता चिंतित हैं। सरकार इसे सुरक्षा के लिए जरूरी बता रही है।