
कर्नाटक की सियासत में कांग्रेस के अंदर खींचतान तेज हो गई है। रामनगर के विधायक इकबाल हुसैन ने दावा किया है कि पार्टी के 80 से 90 विधायक डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद पर देखना चाहते हैं। गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में हुसैन ने कहा कि शिवकुमार की मेहनत और संघर्ष उन्हें इस पद के योग्य बनाता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि नेतृत्व परिवर्तन से सरकार का कार्य बेहतर होगा और आने वाले चुनावों में पार्टी को फायदा मिलेगा। हुसैन ने साफ किया कि सभी 140 विधायक बदलाव की प्रतीक्षा में हैं, जबकि 80-90 विधायक इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा कर रहे हैं। हम सब शिवकुमार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।
इधर, कांग्रेस हाईकमान ने सीएम सिद्धारमैया के करीबियों के विदेश दौरे पर सवाल खड़े किए हैं। कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यात्रा में शामिल विधायकों के नाम और उद्देश्य की जानकारी मांगी है। सूत्र बताते हैं कि यह दौरा नेतृत्व विवाद को शांत करने के लिए कराया गया था।
सिद्धारमैया ने विधानसभा सत्र के बाद ही बजट तैयारियों की बैठकें शुरू कर दीं। दूसरी ओर, शिवकुमार ने विभागीय बैठक से दूरी बनाई, लेकिन पूर्व अनुमति का हवाला दिया। पशुपालन मंत्री वेंकटेश ने कहा कि उन्हें यात्रा का न्योता मिला था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। यह उनका मंत्रालय से जुड़ा नहीं था।
सीएम ने सफाई दी कि विधायक निजी खर्चे पर घूम रहे हैं। दिल्ली में सोनिया गांधी के आवास पर शिवकुमार की मुलाकात के बाद उन्होंने कहा, समय ही सब बता देगा। कर्नाटक कांग्रेस में यह संकट पार्टी की एकजुटता के लिए चुनौती बन गया है।