
मुंबई के वर्सोवा पुलिस स्टेशन में दर्ज बहुचर्चित दुष्कर्म मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने अभिनेता आदित्य पंचोली की FIR रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता अभिनेत्री को 11वीं बार नोटिस भेजने के बावजूद पेश न होने पर सख्ती दिखाई और 12वां नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
अभिनेत्री का आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच पंचोली ने उन्हें नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया, निजी तस्वीरों से ब्लैकमेल किया और शारीरिक-मानसिक शोषण किया। फिल्मी करियर की शुरुआत में यह कथित घटनाएं घटीं, जब वे उद्योग में संघर्ष कर रही थीं।
पंचोली के वकील ने सभी आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि शिकायत समय सीमा के बहुत बाद दर्ज हुई है और इसके पीछे निजी दुश्मनी है। यही आधार बनाकर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
अदालत ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई 24 फरवरी को होगी और अभिनेत्री की उपस्थिति अनिवार्य है। यह फैसला मामले को नया आयाम दे सकता है।
फिल्म जगत में इस तरह के पुराने मामलों की कानूनी लड़ाई लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई है। पंचोली के समर्थक इनकार पर अडिग हैं, जबकि पीड़ित पक्ष न्याय की मांग कर रहा है।