
नई दिल्ली। लोकसभा में अपने तीखे भाषण को लेकर विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव की चर्चा के बीच गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संसद भवन परिसर में पत्रकारों पर भड़ पड़े। उन्होंने मीडिया कर्मियों से अपील की कि वे अपने पेशे की गरिमा बनाए रखें और उद्देश्यपूर्ण पत्रकारिता करें।
बुधवार को लोकसभा में राहुल गांधी ने सरकार पर विदेशी शक्तियों के आगे घुटने टेकने और भारत माता को बेचने का गंभीर आरोप लगाया था। इस पर सत्ताधारी भाजपा के सदस्यों ने कड़ा विरोध जताया और भाषण को असंसदीय बताते हुए कार्यवाही से हटाने की मांग की। इसके बाद विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की बातें हुईं, हालांकि बाद में सत्तापक्ष ने इससे इनकार कर दिया।
जब पत्रकारों ने इस मुद्दे पर सवाल दागे, तो राहुल गांधी ने तल्ख लहजे में कहा, ‘आप पूरी तरह भाजपा के लिए काम नहीं करते। कम से कम थोड़ी उद्देश्यपूर्ण रिपोर्टिंग तो कोशिश करें। आप जिम्मेदार मीडिया वाले हैं। आपकी जिम्मेदारी है कि उद्देश्यपूर्ण रहें। आप रोज उनके एक शब्द पर पूरा शो नहीं चला सकते।’
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि संसदीय नियमों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ। पार्टी के अनुसार, अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में ऊर्जा और किसानों के हितों पर सरेंडर करने वाली नीतियों की आलोचना करना नेता प्रतिपक्ष का अधिकार है।
यह घटना संसद सत्र के दौरान राजनीति और मीडिया के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करती है। ऐसे में निष्पक्ष पत्रकारिता की मांग और तेज हो गई है।