
भागलपुर का प्रसिद्ध विक्रमशीला सेतु, जो पूर्वी बिहार की जान है, अब खुद संकट में फंस गया है। एक्सपेंशन जॉइंट में गैप पहले 1-2 इंच के थे, जो अब 7 इंच तक फैल चुके हैं। भारी वाहनों के गुजरने पर पुल के पिलरों में तेज कंपन होता है, जिससे हर पल हादसे का डर बना रहता है।
रोजाना 30 हजार से ज्यादा वाहन, जिनमें ट्रक और कंटेनर शामिल हैं, इस सेतु से गुजरते हैं। डीएम से लेकर एनएचएआई के इंजीनियरों ने पुल निर्माण निगम को कई पत्र लिखे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह लापरवाही लोगों की जान जोखिम में डाल रही है।
2001 में राबड़ी देवी द्वारा उद्घाटित यह पुल पूर्वांचल को सीमांचल से जोड़ता है। टीवी9 ने पिछले साल इसकी खबरें दिखाईं, लेकिन विभाग सोया हुआ है। स्थानीय लोग चेतावनी दे रहे हैं कि मरम्मत न हुई तो बड़ा हादसा हो जाएगा।
अब सवाल यह है कि क्या अधिकारी हादसे का इंतजार कर रहे हैं? तत्काल जांच और मरम्मत जरूरी है, वरना जिम्मेदारी तय होगी। लोगों की सुरक्षा पहले, कार्रवाई कब होगी?