
ढाका। बांग्लादेश में गुरुवार को आम चुनाव के दौरान कई पोलिंग स्टेशनों पर हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें बीएनपी के एक प्रमुख नेता की जान चली गई। पहले से ही खराब कानून व्यवस्था वाले इस देश में सुबह साढ़े सात बजे शुरू हुए मतदान के कुछ ही घंटों बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
खुलना जिले के आलिया मदरसा पोलिंग सेंटर पर सबसे दर्दनाक घटना घटी। बीएनपी नेता मोहिबुज्जमां कोची की मौत हो गई। चश्मदीदों के अनुसार, मदरसे की अकादमिक बिल्डिंग के पास बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी समर्थकों के बीच विवाद भड़क गया। पूर्व बीएनपी सचिव यूसुफ हारुन मजनू ने बताया कि मदरसा प्रिंसिपल जमात के पक्ष में प्रचार कर रहे थे। जब कोची ने उन्हें रोका, तो धक्का देकर पेड़ से टकरा दिया गया, जिससे सिर में गंभीर चोट लगी और उनकी मौत हो गई।
सदर थाने के एसआई खान फैसल रफी ने पुष्टि की कि पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग कर दिया। खुलना सिटी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर पार्थ रॉय ने कहा कि उन्हें मृत अवस्था में लाया गया। इसी तरह गोपालगंज सदर के रेशमा इंटरनेशनल स्कूल पर कॉकटेल बम हमले में दो अंसार सदस्य, एक पैरामिलिट्री जवान और एक बच्चा घायल हो गया।
मुंशीगंज में भी बम विस्फोट के बाद टकराव हुआ। जमात ने आरोप लगाया कि उनके नेताओं और कार्यकर्ताओं को वोट डालने से रोका जा रहा है। सहायक महासचिव एहसानुल महबूब जुबैर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रशासन को निष्पक्ष रहना चाहिए। ये घटनाएं शेख हसीना की सत्ताधारी लीग के खिलाफ विपक्षी बहिष्कार के बीच चुनाव की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रही हैं। सुरक्षा बल अलर्ट पर हैं, लेकिन हिंसा का सिलसिला जारी है।