
ढाका में गुरुवार को हुए मतदान के दौरान जमात-ए-इस्लामी के सरगना शफीकुर रहमान ने बड़ा दावा किया। मोनीपुर हाई स्कूल में वोट डालने के बाद उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव में उनकी पार्टी सत्ता हासिल करेगी और 18 करोड़ बांग्लादेशी जनता की सरकार बनेगी।
रहमान ने उम्मीद जताई कि यह चुनाव शांतिपूर्ण और स्वतंत्र होगा। द डेली स्टार के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘यदि मतदान निष्पक्ष हुआ तो हम परिणाम स्वीकारेंगे, बाकी सबको भी जनादेश मानना चाहिए। हम ऐसी सरकार चाहते हैं जो किसी एक व्यक्ति या परिवार की न हो, बल्कि पूरे देश की हो।’
लेकिन विवाद उनके पीछे लगा हुआ है। आरोप है कि जमात मतदाताओं को धर्म और पैसे से लुभा रही है। पूरे देश में 15,000 टका देने के वादे वाले पर्चे बांटे गए हैं। इनमें परिवार से ‘दारी पल्ला’ (तराजू) चिह्न पर वोट का वादा लेते हुए स्वर्ग में पापमुक्ति और सजा से छूट का लालच दिया गया है।
पर्चों में कैमरा फोन लाकर बैलेट पर ठप्पा लगने की फोटो सबूत के तौर पर लेने को कहा गया है। चुनाव बाद बीकैश या नकद से भुगतान और अग्रिम राशि का वादा है।
यह चुनाव बांग्लादेश की राजनीति का टर्निंग पॉइंट बन सकता है। रहमान का सपना लोकतंत्र की परीक्षा ले रहा है, जहां भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच सच्चा जनादेश उभरेगा या नहीं, यह समय बताएगा।