
मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के अंतरवा गांव में जादू-टोने के अंधविश्वास ने दो लोगों की जिंदगी छीन ली। छत्रपति सिंह ने पड़ोसी केवल सिंह और फूलमती पर काला जादू करने का शक पाल लिया था। शादी के बाद संतान न होने और पत्नी के गर्भपात से आहत होकर उसने कुल्हाड़ी से दोनों पर जानलेवा हमला बोल दिया।
हमले के दौरान बीच-बचाव करने आए दो ग्रामीण भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटनास्थल पर पुलिस को कुल्हाड़ी के अलावा कई नारियल चबूतरे पर मिले, जो अंधविश्वास की गहरी जड़ें दर्शाते हैं।
पुलिस को सूचना मिलते ही जेयावन थाने की टीम मौके पर पहुंची। हत्या के बाद आरोपी ने खुद को एक मकान में बंद कर लिया। लंबी मशक्कत के बाद उसे हिरासत में लिया गया।
गांव वालों का कहना है कि छत्रपति लंबे समय से पड़ोसियों पर जादू-टोना का इल्जाम लगाता था। यह घटना ग्रामीण भारत में अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता की जरूरत को रेखांकित करती है। प्रशासन ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।