
लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान राहुल गांधी के तीखे भाषण ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने सदन अध्यक्ष को पत्र भेजकर विपक्ष के नेता द्वारा प्रयुक्त असंसदीय शब्दों और बेबुनियाद आरोपों को कार्यवाही से हटाने की मांग की है। यह घटना 11 फरवरी को हुई बजट बहस से जुड़ी है।
संजय जायसवाल ने नियम 380 के तहत नोटिस जारी करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने ‘आपने भारत को बेच दिया’, ‘भारत माता को बेच दिया’ जैसे शब्दों का बार-बार प्रयोग किया। साथ ही, अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौते को ‘शर्मनाक’ बताते हुए जनता को ‘मूर्ख’ बनाने का आरोप लगाया। ये अभिव्यक्तियां संसद की ‘असंसदीय अभिव्यक्तियां (2021)’ सूची के विरुद्ध हैं।
जायसवाल ने चेतावनी दी कि यदि इन शब्दों को शीघ्र हटाया नहीं गया, तो ये स्थायी रिकॉर्ड का हिस्सा बन जाएंगे, जो सदन की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाएंगे। उन्होंने वर्बेटिम प्रोसीडिंग्स से इन्हें निकालने का आग्रह किया है।
यह विवाद संसदीय गरिमा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन की परीक्षा है। विपक्ष राहुल के पक्ष में खड़ा है, जबकि भाजपा इसे राजनीतिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश बता रही है। स्पीकर का फैसला संसद की भावी कार्यप्रणाली तय कर सकता है।
बजट सत्र के दौरान ऐसी टकराहटें आम हैं, लेकिन नियम 380 का सहारा लेना गंभीर कदम है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बहस हो सकती है, जो राजनीतिक माहौल को गर्म रखेगी।