
महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक युवक के साथ बुधवार देर रात चमत्कारिक घटना घटी। पश्चिम रेलवे की लोकल ट्रेन से वैतरणा खाड़ी के पुल पर यात्रा कर रहे उदयन वांगड़ अचानक फिसल पड़े और गहरे पानी में समा गए। लेकिन स्थानीय मछुआरों और ग्रामीणों की फुर्ती से उनकी जान बच गई।
बोइसार निवासी उदयन दहाणू जाने वाली ट्रेन में सवार थे। रात के अंधेरे में पुल पार करते समय गेट पर खड़े होने के चलते उनका संतुलन बिगड़ गया। ट्रेन के यात्रियों में हड़कंप मच गया, लेकिन उदयन ने हिम्मत नहीं हारी। वे खाड़ी के एक पिलर को कसकर पकड़ लिए।
घटना की खबर आसपास फैलते ही ग्रामीण सक्रिय हो उठे। नाव लेकर मछुआरे खाड़ी की ओर दौड़े। अंधेरे और तेज बहाव के बावजूद उन्होंने उदयन तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित किनारे ला पहुंचाया।
चिकित्सा जांच में कोई गंभीर चोट न मिलना राहत की बात है। पुलिस ने सहयात्रियों से पूछताछ शुरू कर दी है। उदयन ने बताया कि गेट पर झुकने से वे गिरे थे।
यह हादसा रेल यात्रा में सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। पुलों पर बैरिकेडिंग और जागरूकता की जरूरत है। ग्रामीणों का साहस सराहनीय है।