
मुंबई के कमोडिटी बाजार में हाल के दिनों में कीमती धातुओं के दामों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है। मंगलवार की भारी गिरावट के बाद बुधवार को सोने-चांदी में शानदार उछाल आया था। लेकिन गुरुवार को कारोबार के दौरान हल्की कमजोरी नजर आई, जिसका प्रमुख कारण अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती रही।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अप्रैल डिलीवरी का सोना 1,57,701 रुपये प्रति 10 ग्राम तक लुढ़क गया। मार्च डिलीवरी चांदी भी 2,58,730 रुपये प्रति किलो के निचले स्तर पर पहुंची।
लगभग दोपहर 11:51 बजे तक अप्रैल एक्सपायरी सोना 0.24 फीसदी या 378 रुपये गिरकर 1,58,377 रुपये पर था। मार्च एक्सपायरी चांदी में 0.39 फीसदी यानी 1,015 रुपये की कमी के साथ 2,62,003 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड हो रही थी।
शुरुआती सत्र में डॉलर इंडेक्स 96.83 से बढ़कर 96.94 पर बंद हुआ। अमेरिका के मजबूत रोजगार आंकड़ों ने डॉलर को बल दिया। डॉलर मजबूत होने पर सोना-चांदी अन्य मुद्राओं में महंगे हो जाते हैं, जिससे मांग प्रभावित होती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक जनवरी में अमेरिकी बेरोजगारी 4.3 फीसदी पर सिमट गई और नौकरियां उम्मीद से ज्यादा बढ़ीं। इससे फेडरल रिजर्व ब्याज दरें स्थिर रख सकता है।
मोतीलाल ओसवाल के मानव मोदी ने बताया कि 13 महीनों में नौकरियों में सर्वाधिक वृद्धि हुई, लेकिन संशोधित आंकड़ों में 2025 की शुरुआत में केवल 1,81,000 नौकरियां जुड़ीं, न कि 5,84,000।
इससे पहले भू-राजनीतिक तनाव से वैश्विक बाजारों में तेजी आई थी। ट्रंप-नेतन्याहू वार्ता में ईरान पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ, बातचीत जारी है।
विश्लेषकों का अनुमान है कि सोने को 1,56,000 रुपये पर सहारा मिलेगा, जबकि 1,60,500 पर प्रतिरोध। कॉमेक्स पर सोना 5,000-5,150 डॉलर के दायरे में है। चांदी 80-87 डॉलर पर।
दीर्घकालिक रूप से सोने का रुख सकारात्मक है, गिरावट मुनाफा बुकिंग से। निवेशक शुक्रवार के अमेरिकी महंगाई और ब्रिटेन जीडीपी आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।