
नई दिल्ली। संसद में हंगामे की एक नई बानगी देखने को मिली जब केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को खुलासा किया कि कांग्रेस के 20-25 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में जबरन प्रवेश कर उन्हें गालियां दीं और धमकियां दीं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
रिजिजू ने बताया कि प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में यह कोताहीपूर्ण व्यवहार हुआ। उन्होंने कहा, ‘स्पीकर को गालियां देकर कांग्रेस सांसदों ने चेतावनी दी कि जब पीएम सदन में बोलने आएंगे तो देख लें।’ यह वीडियो एक कांग्रेस सांसद ने गैरकानूनी तरीके से बनाया था।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि भाजपा बहस और संवाद में यकीन रखती है, हिंसा का समर्थन नहीं करती। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए बोले, ‘उनमें सुधार की कोई उम्मीद नहीं, लेकिन नेता प्रतिपक्ष होने के नाते आशा बनी रहती है। कांग्रेस की विचारधारा बिखर चुकी है।’
रिजिजू ने पिछले हंगामों का भी जिक्र किया, जब कांग्रेस की महिला सांसदों ने पीएम मोदी की सीट तक पहुंचकर प्रदर्शन किया। ‘एनडीए सांसदों की सहनशीलता कमाल की है। अगर हमने भी वैसा किया होता तो संसद में अफरा-तफरी मच जाती।’
यह घटना संसदीय मर्यादा पर सवाल खड़े करती है। वीडियो के प्रसार से कांग्रेस पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्पीकर के चैंबर की सुरक्षा मजबूत होनी चाहिए। संसद सत्र के दौरान ऐसे विवाद लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं।