
लोकसभा में जीएसटी पर तीखी चर्चा के दौरान टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बीच जोरदार बहस हुई। बहस के बाद बनर्जी ने एक्स पर लंबा पोस्ट लिखकर मंत्री के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा नहीं, बल्कि वास्तविकता उजागर की है।
बनर्जी ने मंत्री को धन्यवाद दिया कि उन्होंने उनका भाषण सुना, लेकिन अफसोस जताया कि बंगाल की जनता की मनरेगा, पीएम आवास, ग्राम सड़क और जल जीवन मिशन के बकाया फंड की पुकार पर ध्यान क्यों नहीं दिया जाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि ताजा दूध पर जीएसटी शून्य है, लेकिन गरीब मांओं के लिए पाउडर दूध पर 5% टैक्स पड़ता है।
शिक्षा में पाठ्यपुस्तकें मुक्त हैं, पर कॉपियां, ग्राफ बुक, क्रेयॉन पर 12%। स्वास्थ्य में ऑक्सीजन सिलेंडर (12%), इंसुलिन (5%), एनेस्थीसिया (12%) पर टैक्स। अंतिम संस्कार सेवाएं टैक्स-फ्री, लेकिन अगरबत्ती-धूप पर 5%। ‘न्यू इंडिया में दुख की भी कीमत चढ़ी है,’ उन्होंने व्यंग्य किया।
बेबी फूड (5%), नैपकिन (18%), पेंसिल (12%), ब्रॉडबैंड (18%), दवाएं (5%) समेत कई वस्तुओं का जिक्र किया। पेट्रोल-डीजल पर भारी एक्साइज ड्यूटी भी बताई।
इससे पूर्व मंत्री ने कहा था कि दूध, शिक्षा, किताबें, स्वास्थ्य सेवाएं 2017 से मुक्त। बीमा पर हालिया छूट, अंतिम संस्कार कभी टैक्सेबल नहीं। बंगाल के सिंडिकेट राज पर तंज कसा।
यह विवाद जीएसटी व्यवस्था की कमियों पर बहस छेड़ रहा है, जो गरीबों पर बोझ बन रही है।