
नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उद्योगपतियों से नए बाजारों में डटकर पैठ बनाने, उत्पाद गुणवत्ता मजबूत करने और वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि हालिया व्यापार समझौतों का पूरा फायदा तभी मिलेगा जब उद्योग सक्रिय कदम उठाएंगे।
35 निर्यात प्रोत्साहन परिषदों और प्रमुख संगठनों की बैठक में गोयल ने मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के महत्व पर जोर दिया। इनसे नई नौकरियां पैदा होंगी, वस्तुओं व सेवाओं का निर्यात बढ़ेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने किसानों, मजदूरों, कारीगरों व एमएसएमई के हित में विकसित देशों से सौदे किए हैं। कृषि-डेयरी क्षेत्र सुरक्षित हैं, तो आयुर्वेद व योग को वैश्विक मंच मिला है।
गोयल ने कहा, ‘भारत का व्यापारिक इतिहास प्राचीन है। ये समझौते विकसित भारत का सपना साकार करेंगे और ‘विकास भी, विरासत भी’ को मजबूत आधार देंगे।’
उद्योग प्रतिनिधियों ने यूके, ईयू व अमेरिका समझौतों पर आभार जताया। खासतौर पर अमेरिकी 25% अतिरिक्त टैरिफ हटना बड़ी जीत है, जो 6 फरवरी 2026 से लागू होगा। अमेरिका प्रमुख बाजार है, इससे निर्यातकों को बल मिलेगा।
निर्यात प्रोत्साहन मिशन की समीक्षा हुई। उद्योग ने निर्यात ऋण ब्याज राहत, एमएसएमई गारंटी व नए बाजार सहायता का स्वागत किया। भारत अब वैश्विक पटल पर चमकने को तैयार है।