
बर्लिन। बायर्न म्यूनिख ने जर्मन कप के क्वार्टरफाइनल में आरबी लीपजिग को 2-0 से शिकस्त देकर 2020 के बाद पहली बार सेमीफाइनल का टिकट कटाया। दूसरे हाफ में आए दोनों गोलों ने मुकाबले का रुख हमेशा के लिए बदल दिया।
मैच की शुरुआत में लीपजिग ने आक्रामक रुख अपनाया। चौथे मिनट में क्रिस्टोफ बॉमगार्टनर ने गोल तो कर दिया, लेकिन वीएआर ने इसे ऑफसाइड घोषित कर टीम का उत्साह ठंडा कर दिया। बायर्न ने धीरे-धीरे कमान संभाली। हैरी केन ने गोलकीपर मार्टेन वेंडेवोर्ड्ट को बेहतरीन सेव पर मजबूर किया। 11वें मिनट में कैस्टेलो लुकेबा ने रिबाउंड शॉट को गोल लाइन से बाहर निकालकर लीपजिग को राहत दी।
पहले हाफ के बीच में बायर्न ने हमले तेज कर दिए। लुइस डियाज और केन ने नेट हिलाने की पूरी कोशिश की, मगर लीपजिग का डिफेंस अटल रहा। विवादास्पद पल तब आया जब जोसिप स्टैनिसिक ने एंटोनियो नुसा को पेनल्टी एरिया के बाहर गिराया, लेकिन रेफरी ने पेनल्टी देने से इनकार कर दिया। हाफ टाइम तक स्कोर 0-0 रहा।
दूसरे हाफ में 64वें मिनट में टर्निंग पॉइंट आया। वेंडेवोर्ड्ट ने स्टैनिसिक को चैलेंज करते हुए फिसल लिया, जिससे बायर्न को पेनल्टी मिली। केन ने शांति से इसे गोल में तब्दील कर बढ़त दिलाई। तीन मिनट बाद ही डियाज ने 67वें मिनट में दूसरा गोल ठोक दिया।
बायर्न ने उसके बाद खेल को पूरी तरह संभाल लिया और लीपजिग को कोई मौका नहीं दिया। इस जीत से बायर्न बायर लेवरकुसेन, स्टटगार्ट और फ्रीबर्ग के साथ सेमीफाइनल में पहुंच गया। अंतिम चार टीमों का ड्रॉ 22 फरवरी को होगा। मैच के बाद लीपजिग चेयरमैन ओलिवर मिंट्जलाफ ने बायर्न को शुभकामनाएं दीं और कहा कि उनकी टीम ने अच्छा खेला लेकिन भविष्य में बायर्न को मात देने के लिए कड़ी मेहनत जरूरी है।