
आंध्र प्रदेश की राजनीति में उबाल मच गया है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि सरकार ने राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर को विधानसभा में झूठा अभिभाषण दिलवाया। यह विवाद बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में सामने आया।
वाईएसआरसीपी विधायकों ने अभिभाषण को झूठ, बढ़ा-चढ़ाकर बताए आंकड़ों और तथ्यों की तोड़-मरोड़ से भरा बताया। विधायक तातिपार्थी चंद्रशेखर ने इसे ‘पीली पत्रकारिता’ का पुलिंदा करार दिया, जिसका इशारा टीडीपी समर्थक मीडिया की ओर था।
पार्टी अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व में विधायक सदन में मौजूद थे। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और फिर वाकआउट कर दिया। चंद्रशेखर ने कहा कि 164 सीटों वाली सरकार 11 वाईएसआरसीपी विधायकों से डर रही है, इसलिए मुख्य विपक्षी दल का दर्जा नहीं दे रही।
उन्होंने 20 महीनों में 3.27 लाख करोड़ के कर्ज के आरोप लगाए, जबकि वाईएसआरसीपी ने पांच साल बिना भ्रष्टाचार के कल्याण योजनाएं चलाईं। पिछली टीडीपी सरकार ने खजाने में महज 100 करोड़ छोड़े थे। सरकार अमरावती रियल एस्टेट और विशाखापट्टनम भूमि पर ध्यान दे रही, जबकि एयरोस्पेस जैसी परियोजनाओं से जनता को भ्रमित कर रही है।
वाईएसआरसीपी नेता प्रतिपक्ष का दर्जा मांग रही है और राज्यपाल से हस्तक्षेप की अपील कर रही है। यह टकराव राज्य की राजनीतिक गतिविधियों को नई दिशा दे सकता है।