
लखनऊ की विधानसभा में बुधवार को 2026-27 का बजट पेश होने के बाद राज्य के नेताओं में उत्साह का माहौल है। डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इसे विकसित उत्तर प्रदेश निर्माण का मजबूत स्तंभ बताया। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में तैयार यह बजट गरीब, युवा, महिला और किसान के सशक्तिकरण पर केंद्रित है, जो ‘सबका साथ, सबका विकास’ की नीति को साकार करता है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत यह बजट विकसित भारत के सपने को उत्तर प्रदेश में उतारने का माध्यम बनेगा। मौर्य ने केंद्र की ‘वंदे मातरम’ संबंधी नई गाइडलाइंस का स्वागत किया, इसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि करार दिया।
मंत्री जयवीर सिंह ने बजट को समावेशी और सोच-समझकर तैयार योजना बताया, जो विकसित यूपी का रोडमैप है। उन्होंने ‘वंदे मातरम’ पर राजनीति न करने की अपील की, कहा कि यह राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है।
नितिन अग्रवाल ने इसे गरीब-किसान-युवा-महिला कल्याण पर केंद्रित बताया। आशीष सिंह पटेल ने शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, सामाजिक क्षेत्र और रोजगार पर पहलों की सराहना की। संजय निषाद ने इसे इतिहास का सबसे बड़ा बजट कहा, जिसका लक्ष्य यूपी को नंबर वन बनाना है।
यह बजट न केवल आंकड़ों का संग्रह है, बल्कि राज्य के भविष्य की नींव है, जो हर वर्ग को लाभ पहुंचाएगा और उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।