
नई दिल्ली में दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त प्रोफेसर अनिल सूकलाल ने भारत और दक्षिणी अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (एसएसीयू) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को दोनों क्षेत्रों के व्यापार एवं निवेश के लिए वरदान बताया है। विशेष साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत और अफ्रीका के किसी भी क्षेत्रीय समूह के साथ पहला ऐसा द्विपक्षीय समझौता होगा।
एसएसीयू के पांच सदस्य देश—बोत्सवाना, इस्वातिनी, लेसोथो, नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका—में से दक्षिण अफ्रीका वार्ताओं का नेतृत्व कर रहा है। सूकलाल ने बताया कि दोनों पक्ष बातचीत को तेज करने पर राजी हो चुके हैं।
दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते मजबूत हैं। दक्षिण अफ्रीका अफ्रीकी महाद्वीप में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जबकि भारत दक्षिण अफ्रीका का वैश्विक स्तर पर चौथा सबसे बड़ा भागीदार। द्विपक्षीय व्यापार करीब 20 अरब डॉलर का है, जो भारत-अफ्रीका कुल व्यापार का 20 प्रतिशत है।
हाल ही में सीआईआई भारत-अफ्रीका कॉन्क्लेव में दक्षिण अफ्रीका के व्यापार मंत्री पार्क्स ताऊ ने भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की, जहां व्यापार बढ़ाने की रणनीतियों पर चर्चा हुई।
उन्होंने भारत को ग्लोबल साउथ की प्रमुख आवाज करार दिया। 2023 जी20 अध्यक्षता में पीएम मोदी ने अफ्रीकी संघ को पूर्ण सदस्यता दिलाई, जिसकी अफ्रीका भर में प्रशंसा हुई। वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट ने विकासशील देशों की चुनौतियों को उजागर किया।
आईबीएसए मंच वैश्विक सुधारों में अहम है। जोहान्सबर्ग जी20 के अवसर पर भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं ने एआई सहयोग सहित क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया।
अमेरिकी बहिष्कार के बावजूद जोहान्सबर्ग जी20 सफल रहा। सूकलाल ने कहा कि सहयोग ही वैश्विक मुद्दों का समाधान है। भारत का टैरिफ दबाव के खिलाफ रुख अन्य देशों के लिए प्रेरणा है।
आगामी एआई शिखर सम्मेलन ग्लोबल साउथ को तकनीकी नेतृत्व प्रदान करेगा।