
नई दिल्ली। लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार सड़कों के साथ-साथ जलमार्गों के विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है। इससे बंदरगाहों से सीधे जुड़े न होने वाले राज्यों में माल ढुलाई की लागत कम हो सकेगी।
सीतारमण ने स्पष्ट किया कि जलमार्गों का उपयोग करके लॉजिस्टिक्स खर्च घटाया जाएगा, ताकि अंतर्देशीय राज्य भी सस्ते में सामान का लेन-देन कर सकें। यह कदम आर्थिक विकास को गति देगा और क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करेगा।
उन्होंने श्रम प्रधान क्षेत्रों पर फोकस का जिक्र किया। एमएसएमई को मजबूत करने के लिए बजट में अग्रणी इकाइयों के लिए सहायता पैकेज की घोषणा की गई है। पशुपालन और मत्स्य पालन में हर जिले में पशु चिकित्सक, अस्पताल व लैब सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
राज्यों को इस वर्ष कर वसूली में 25.44 लाख करोड़ रुपये की हिस्सेदारी मिलेगी, जो पिछले साल से 2.7 लाख करोड़ अधिक है। रोजगार सृजन के मोर्चे पर पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनेंगे, जो मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देंगे और पांच साल में एक लाख नौकरियां पैदा करेंगे। साथ ही, पांच बड़े टेक्सटाइल-लेदर पार्क स्थापित होंगे।
वृद्धावस्था देखभाल के लिए व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र तैयार हो रहा है, जिसमें इस साल 1.5 लाख केयरगिवर प्रशिक्षित होंगे। ये प्रयास समावेशी विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।